इंटरनेट डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों के जापान दौरे पर हैं, यहां उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों ने मिलकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य की साझेदारी की दिशा तय की। नतीजा ये हुआ कि भारत और जापान के बीच कुल 21 समझौतों पर दस्तखत हुए। इन समझौतों में सुरक्षा, रक्षा, तकनीक, पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े बड़े फैसले शामिल हैं।
आठ क्षेत्रों में मिलकर करेंगे काम
मीडिया रिपोटर्स की माने तो दोनों देशों ने अगले दस सालों के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार की है, इसमें आर्थिक साझेदारी, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे आठ बड़े क्षेत्रों पर मिलकर काम करने की बात हुई है।
सुरक्षा और रक्षा पर बड़ा कदम
भारत और जापान ने सुरक्षा सहयोग पर एक संयुक्त घोषणा की है। इसके तहत दोनों देश मिलकर नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेंगे। दोनों देशों ने अगले पांच साल में करीब 5 लाख लोगों के आपसी आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा है। इसमें भारत से 50,000 कुशल और अर्धकुशल लोग जापान में काम करने जाएंगे। महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रोसेसिंग के लिए भारत और जापान ने साझेदारी की है। भारत की इसरो और जापान की जाक्सा मिलकर चंद्रयान-5 मिशन पर काम करेंगे, दोनों देश चांद के ध्रुवीय इलाकों की खोज के लिए एक साथ मिशन चलाएंगे।
pc- Mint
You may also like
जब लड़के वालों ने दहेज नहीं लिया, बहू को दी 11 लाख की कार। 'दहेज का दानव उल्टे पांव भागा`
2014 के बाद देश में तेजी से हाे रहा विकास, पहले घोटालों के लिए जाना जाता था भारत : बृजेश पाठक
नॉलेज और टेक्नोलॉजी साम्राज्यवाद का नया चेहरा : राजनाथ सिंह
एआईसीटीई और डीएसटी ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम प्रौद्योगिकियों में एम.टेक कार्यक्रम शुरू किया
महानदी जल विवाद सुलझाने को छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने शुरू की पहल