मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम, श्री सांवरिया सेठ मंदिर में एक बार फिर से भक्तों की अटूट श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला है। 22 अगस्त को खोले गए मंदिर के मासिक दानपात्र (भंडार) से अब तक 22 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये की राशि निकली है, और चढ़ावे की गिनती का काम शनिवार को भी जारी है।
यह मंदिर मेवाड़ क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हर महीने लाखों श्रद्धालु भगवान सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए आते हैं। यहां पर श्रद्धालु अपने दिल की मुरादों को लेकर आकर चढ़ावा चढ़ाते हैं, जिसे हर महीने की शुरुआत में खोले गए दानपात्र से गिना जाता है। इस दानपात्र से हर महीने करोड़ों की राशि निकलती है, जो मंदिर के कार्यों और धार्मिक आयोजनों के लिए उपयोग की जाती है।
श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक
श्री सांवरिया सेठ मंदिर में भक्तों का विश्वास और श्रद्धा प्रतिवर्ष और मासिक रूप से बढ़ता जा रहा है। मंदिर के पवित्र प्रांगण में भगवान कृष्ण और सांवरिया सेठ की पूजा और अर्चना के बाद भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए दानपात्र में अपना योगदान देते हैं। यहां के चढ़ावे की राशि का आंकड़ा हर माह में बढ़ता है, जो भक्तों की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता है।
इस मंदिर का इतिहास भी बहुत पुराना और धार्मिक महत्व से भरपूर है, जो सांवरिया सेठ के प्रति श्रद्धा का प्रतीक बन चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से मंदिर को महत्व देते हैं, बल्कि यह भी मानते हैं कि भगवान कृष्ण के चरणों में समर्पण और भक्ति से उनका जीवन संवर सकता है।
दानपात्र में बढ़ती राशि
मंदिर के मासिक दानपात्र से इतनी बड़ी राशि का निकलना इस बात का प्रमाण है कि श्री सांवरिया सेठ मंदिर में हर वर्ग के लोग अपनी श्रद्धा व्यक्त करने आते हैं। चढ़ावा केवल धन का नहीं होता, बल्कि भक्तों की निष्ठा और ईश्वर में विश्वास की भी प्रतीक है। इस चढ़ावे से न केवल मंदिर की जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि समाज सेवा और अन्य धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
मंदिर की देखभाल और सुधार
चढ़ावे की राशि का एक हिस्सा मंदिर की देखभाल और सुधार कार्यों पर खर्च होता है। जैसे-जैसे चढ़ावे की राशि बढ़ रही है, वैसे-वैसे मंदिर की सुविधाएं भी आधुनिक हो रही हैं। बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता और धार्मिक सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए धन का सदुपयोग किया जा रहा है।
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